दशहरे(Dussehra)/विजयादशमी के दिन शाम को हमें विजय के लिए ये मंत्र जप करें !!


विजयादशमी के दिनदशहरे(Dussehra)/विजयादशमी के दिन शाम को हमें विजय के लिए ये मंत्र जप करें ! 

 

विजयादशमी

18 ऑक्टोबर 2018 गुरुवार को विजयादशमी है । विजयादशमी ( पूरा दिन शुभ मुहूर्त ) विजय मुहूर्त ( दोपहर 02:20 से 03:07 तक ) (संकल्प, शुभारम्भ, नूतन कार्य, सीमोल्लंघन के लिए ), (गुरु-पूजन, अस्त्र-शस्त्र-शमी वृक्ष-आयुध-वाहन पूजन )

दशहरे के दिन

दशहरा/Dussehra के दिन शाम को जब सूर्यास्त होने का समय और आकाश में तारे उदय होने का समय हो वो सर्व सिद्धिदायी विजय काल कहलाता है |

उस समय घूमने-फिरने मत जाना | दशहरा मैदान मत खोजना … रावण जलाता हो देखकर क्या मिलेगा ? धूल उड़ती होगी, मिटटी उड़ती होगी रावण को जलाया उसका धुआं वातावरण मे होगा …. गंदा वो श्वास में लेना …. धूल, मिटटी श्वास में लेना पागलपन है |

ये दशहरे के दिन शाम को घर पे ही स्नान आदि करके, दिन के कपडे बदल के शाम को धुले हुए कपडे पहनकर ज्योत जलाकर बैठ जाये | थोडा

‘ राम रामाय नम: । ‘

मंत्र जपते, विजयादशमी है ना तो रामजी का नाम और फिर मन-ही-मन  गुरुदेव को प्रणाम करके गुरुदेव सर्व सिद्धिदायी विजयकाल चल रहा है की हम विजय के लिए ये मंत्र जपते है 

‘ ॐ अपराजितायै नमः ‘

ये मंत्र 1-2 माला जप करना और इस काल में श्री हनुमानजी का सुमिरन करते हुए इस मंत्र की एक माला जप करें :-

” पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना ।

कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होत तात तुम पाहि ॥ “

पवन तनय समाना की भी 1 माला कर ले उस विजय काल में, फिर गुरुमंत्र की माला कर ले । फिर देखो अगले साल की दशहरा तक गृहस्थ में जीनेवाले को बहुत-बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते है |

 

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