दिवाली/Diwali में करने योग्य और लक्ष्मी प्राप्ति की साधना-विधियाँ !!


Diwaliदिवाली/Diwali में करने योग्य और लक्ष्मी प्राप्ति की साधना-विधियाँ

1.दीपावली की सुबह तेल से मालिश करके स्नान करना चाहिए l

2.दिवाली/Diwali के दिन में घर के पहले द्वार पर चावल का आटा और हल्दी का मिश्रण करके स्वस्तिक अथवा लगा देना, ताकि गृह दोष दूर हों और लक्ष्मी की स्थिति हो ।

3.दिवाली के दिन सरसों के तेल का या शुध्द घी का दिया जलाकर काजल बना ले…ये काजल लगाने से भूत प्रेत पिशाच, डाकिनी से रक्षा होती है…और बुरी नजर से भी रक्षा होती है।

4.दिवाली की रात कुबेर भगवान ने लक्ष्मी जी की आराधना की थी तो कुबेर बन गए, जो धनाढ्य लोगो से भी बड़े धनाढ्य हैं..सभी धन के स्वामी हैं..ऐसा इस काल का महत्त्व है.. दिया जला के जप करने वाले को धन, सामर्थ्य , ऐश्वर्य पाए…ध्रुव , राजा प्रियव्रत ने भी आज की रात को लक्ष्मी प्राप्ति का , वैभव प्राप्ति का जप किया था…मन्त्र बहुत सरल है…मन्त्र का फल प्राप्त करने के लिए श्रद्धा से मंत्र सुने –

माँ लक्ष्मी मन्त्र:

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा

5.दीपावली के दिन रात भर घी का दिया जले सूर्योदय तक, तो बड़ा शुभ माना जाता है |

6.दीपावली के दिन चांदी की कटोरी में अगर कपूर को जलायें, तो परिवार में तीनों तापों से रक्षा होती |

7.हर अमावस्या को (और दिवाली को भी) पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाने से पितृ और देवता प्रसन्न होते हैं, और अच्छी आत्माएं घर में जनम लेती हैं.

8.नूतन वर्ष के दिन (दीपावली के अगले दिन), गाय के खुर की मिट्टी से, अथवा तुलसीजी की मिट्टी से तिलक करें, सुख-शान्ति में बरकत होगी |

9.दीपावली की शाम को अशोक वृक्ष के नीचे घी का दिया जलायें, तो बहुत शुभ माना जाता है |

10.श्री सुरेशानंदजी ने कहा है की दीपावली के दिन श्री राम अयोध्या आए थे, तो हमारे जीवन में भी श्री राम (ज्ञान), सीताजी (भक्ति) और लक्ष्मणजी (वैराग्य) आए |

11.दिवाली के दिनों में अपने घर के बाहर सरसों के तेल का दिया जला देना, इससे गृहलक्ष्मी बढ़ती हैं ।

12.दिवाली की रात प्रसन्नतापूर्वक सोना चाहिये ।

13.थोड़ी खीर कटोरी में डाल के और नारियल लेकर के घूमना और मन में “लक्ष्मी- नारायण” जप करना और खीर ऐसी जगह रखना जहाँ किसी का पैर ना पड़े और गायें, कौए आदि खा जाएँ और नारियल अपने घर के मुख्य द्वार पर फोड़ देना और इसकी प्रसादी बाँटना । इससे घर में आनंद और सुख -शांति रहेगी ।

14.दिवाली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर नीम व अशोक (आसोपाल) के पत्तों का तोरण लगा देना, इस पर से पसार होने वाले की रोग प्रतिकारक शक्ति बढेगी ।

15.दिवाली की रात अगर घर के लोग गाय के गोबर के जलते हुए कंडे पर ५-५ आहुतियाँ डालते हैं, तो उस घर में सम्पदा व संवादिता की सम्भावना बढ़ जाती है । घी, गुड़, चन्दन चूरा, देसी कपूर, गूगल, चावल, जौ और तिल । ५-५ आहुति इन मंत्र को पड़ कर डालें –

स्थान देवताभ्यो नमः

ग्राम देवताभ्यो मः

कुल देवताभ्यो नमः

फिर २-५ आहुतियाँ लक्ष्मीजी के लिए ये मंत्र बोलकर डालें –

श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा ।

16.यद्यपि कार्तिक मास में तेल नहीं लगाना चाहिए, फिर भी नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल-मालिश (तैलाभ्यंग) करके स्नान करने का विधान है। ‘सन्नतकुमार संहिता’ एवं धर्मसिन्धु ग्रन्थ के अनुसार इससे नारकीय यातनाओं से रक्षा होती है। जो इस दिन सूर्योदय के बाद स्नान करता है उसके शुभकर्मों का नाश हो जाता है।

17.दीपावली के दिन घर के मुख्य दरवाजे के दायीं और बायीं ओर गेहूँ की छोटी-छोटी ढेरी लगाकर उस पर दो दीपक जला दें। हो सके तो वे रात भर जलते रहें, इससे आपके घर में सुख-सम्पत्ति की वृद्धि होगी।

18.मिट्टी के कोरे दियों में कभी भी तेल-घी नहीं डालना चाहिए। दिये 6 घंटे पानी में भिगोकर रखें, फिर इस्तेमाल करें। नासमझ लोग कोरे दियों में घी डालकर बिगाड़ करते हैं।

19.लक्ष्मीप्राप्ति की साधना का एक अत्यंत सरल और केवल तीन दिन का प्रयोगः दीपावली के दिन से तीन दिन तक अर्थात् भाईदूज तक एक स्वच्छ कमरे में अगरबत्ती या धूप (केमिकल वाली नहीं-गोबर से बनी) करके दीपक जलाकर, शरीर पर पीले वस्त्र धारण करके, ललाट पर केसर का तिलक कर, स्फटिक मोतियों से बनी माला द्वारा नित्य प्रातः काल निम्न मंत्र की दो मालायें जपें।

ॐ नमो भाग्यलक्ष्म्यै च विद् महै।

अष्टलक्ष्म्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।।

20.अशोक के वृक्ष और नीम के पत्ते में रोगप्रतिकारक शक्ति होती है। प्रवेशद्वार के ऊपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते को तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है।

 

लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय :

दीपावली की रात मुख्य दरवाजे के बाहर दोनों तरफ १-१ दिया गेहूँ के ढेर पे जलाएं और कोशिश करें की दिया पूरी रात जले| आपके घर सुख समृद्धि की वृद्धि होगी|

लक्ष्मी प्राप्ति हेतु लक्ष्मीजी की पूजा करें –

ॐ नम: भाग्यलक्ष्मी च विद्महे ।अष्टलक्ष्मी च धीमहि।तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात ।

 

जिनके घर आर्थिक परेशानी हो वो घर में भगवती लक्ष्मी का पूजन करें|

ॐ महालक्ष्मऐ नमः

ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः

ॐ श्रीं नमः

इन मन्त्रों में से किसी एक मंत्र का जप करें|

रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें |

अर्घ्य देते समय :

ॐ सोमाय नमः |

ॐ चन्द्रमसे नमः |

ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |

ॐ सोमाय नमः |

ॐ चन्द्रमसे नमः |

ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |

इन मन्त्रों से पूजन करें |

दिवाली की रात को चाँदी की छोटी कटोरी या दिये में कपूर जलने से दैहिक दैविक और भौतिक परेशानी/कष्टों से मुक्ति होती है| दिवाली के दिन स्फटिक की माला से

इन मन्त्रों के जप करने से लक्ष्मी आती हैं

ॐ महालक्ष्मऐ नमः

ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः

ॐ श्रीं नमः

दिवाली की रात गणेशजी को लक्ष्मी जी के बाएं रख कर पूजा की जाये तो कष्ट दूर होते हैं. अगर घर में खींचातानी हो या दुकान में बरकत नहीं हो तो हर रविवार को एक लोटे में जल भर कर २१ बार गायत्री मन्त्र

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात

का जप करके जल को दीवारों पर छाँट दे पर ध्यान रहे की पैरों के नीचे जल ना आये इसलिए दीवारों पर ही छाँटना है|

 

धनतेरस से आरम्भ करें :

सामग्री: दक्षिणावर्ती शंख, केसर, गंगाजल का पात्र, धूप, अगरबत्ती, दीपक, लाल वस्त्र l

विधि: साधक अपने सामने गुरुदेव व लक्ष्मीजी के फोटो रखें तथा उनके सामने लाल रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर दक्षिणावर्ती शंख रख दें l उस पर केसर से सतिया बना लें तथा कुमकुम से तिलक कर दें l

बाद में स्फटिक की माला से निम्न मंत्र की ७ मालाएँ करें l तीन दिन तक ऐसा करने योग्य है l इतने से ही मंत्र-साधना सिद्ध हो जाती है l मंत्र जाप पूरा होने के पश्चात् लाल वस्त्र में शंख को बांधकर घर में रख दें l

मंत्र :

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं महालक्ष्मी धनदा लक्ष्मी कुबेराय मम गृहे स्थिरो ह्रीं ॐ नमः l

कहते हैं- जब तक वह शंख घर में रहेगा, तब तक घर में निरंतर उन्नति होती रहेगी l

 

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