गुड़ (Jaggery) के फायदे और औषधि प्रयोग !!

Jaggery

गुड़ (Jaggery) के फायदे और औषधि प्रयोग !!

गन्ने के रस से चीनी बनाने में कैल्शियम, लौह तत्त्व, गंधक, पोटेशियम आदि फासफोरस आदि महत्वपूर्ण तत्त्व नष्ट हो जाते हैं जबकि गुड़ में ये तत्त्व मौजूद रहते हैं। गुड़ में प्रोटीन 8 % , वसा 0.9 % , कैल्शियम 0.08 % , फास्फोरस 0.04 % , कार्बोहाईड्रेट 65 %  होता है और विटामिन ए 280 यूनिट प्रति 900 ग्राम होता है।

पांडुरोग और अधिक रक्तस्राव के कारण रक्त में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, तब लौह तत्त्व की पूर्ति के लिए पालक का प्रयोग किया जाता है। पालक में 1.3% , केले में 0.4% एम.जी. लौह तत्त्व होता है जबकि गुड़ में 11.4% एम.जी लौह तत्त्व पाया जाता है।

1.महिलाओं में आमतौर पर लौह तत्त्व की कमी पायी जाती है। यह मासिक धर्म की गड़बड़ी के कारण होता है। भूने हुए चने और गुड़ खाने से इस कमी की पूर्ति की जा सकती है।

2.गुनगुने पानी में गुड़ को घोलकर खाली पेट लेने से विशेष लाभ होता है। यह दोपहर को भी भोजन के दो घंटे बाद लिया जा सकता है।

3.गुड़/jaggery चिक्की के रूप में भी काफी प्रचलित है। छिलके वाली मूँग की पतली दाल में गुड़ मिलाकर खाया जा सकता है।

4.गुड़ में कैल्शियम होने के कारण बच्चों की हड्डी की कमजोरी एवं दंतक्षय में यह बहुत लाभकारी है। बढ़ते बच्चों के लिए यह अमृततुल्य है।

5.गुड़ में विटामिन बी भी पर्याप्त मात्रा में होता है। इसमें पैन्टोथिनिक एसिड, इनासिटोल सर्वोपरि है जो कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए हितकारी है। आयुर्वेद में तो एक जगह लिखा है कि मट्ठा, मक्खन और गुड़ खाने वाले को बुढ़ापा कष्ट नहीं देता।

6.हृदयरोगों में पोटेशियम लाभकारी है जो गुड़ में मौजूद होता है। यह पोटेशियम केले और आलू में भी पाया जाता है।

7.अत्यधिक चीनी नुकसानकारक है। इसलिए गुड़, पिण्ड खजूर, किशमिश आदि में स्थित प्राकृतिक शर्कराएँ फायदेमंद हैं।

…. Praying_Emoji_grande Praying_Emoji_grande ….

Next Post

दालचीनी (Cinnamon) के फायदे और औषधि प्रयोग !!

error: